Devendra pavar's DevTalk
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क्या आपके चेहरे वाला कोई दूसरा इंसान भी है?/क्या दुनिया में हर इंसान के सात हमशक्ल हैं
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आपका चेहरा ही आपकी पहचान है. पासपोर्ट हो, वोटर आईडी कार्ड हो, या दोस्तों की नज़र हो, आपकी शिनाख़्त आपके चेहरे से होती है. कहते हैं कि दुनिया में एक चेहरे वाला एक ही इंसान होता है. मगर ये दुनिया इतनी बड़ी है. सात अरब से ज़्यादा लोग रहते हैं. तो, क्या ऐसा हो सकता है कि आप जैसे चेहरे वाला दुनिया में कोई और इंसान हो? ------------------------------------------------------------------------------------------------------------ हमशक्लों जैसी फ़िल्में तो ख़ूब बनी हैं. जुड़वां भाई बहनों के क़िस्से भी हमने देखे सुने हैं. मगर, असल ज़िंदगी में आपको कितनी उम्मीद लगती है कि आप जैसी शक्ल वाला दूसरा इंसान आपसे कभी टकरा जाएगा? इस बारे में भी कई क़िस्से मशहूर हुए हैं. मगर ऐसा होने की उम्मीद कितनी है? लोक कथाओं में तो हमेशा हमशक्लों के होने की बात कही जाती है. जिसमें आपकी मां जैसी आंखें, पिता जैसी नाक और यहां तक कि आपके चेहरे पर पाया जाने वाला मस्सा भी होने की बातें कही जाती हैं. इस पर तमाम क़िताबें और गीत लिखे गए हैं. बहुत से कलाकारों ने इस विषय पर पेंटिंग्स भी बनाई हैं.
मगर, दुनिया में लोगों के हमशक्ल हो सकते हैं या नहीं, इस सवाल का जवाब बहुत संजीदगी से नहीं खोजा गया.
हाल ही में एक अमरीकी महिला टेगन लूकास ने इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की. उन्होंने अमरीकी सेना के चार हज़ार सैनिकों के फोटो का मिलान किया. टेगन, इस नतीजे पर पहुंचीं कि किसी इंसान का हमशक्ल मिलने की संभावना न के बराबर है.
हर इंसान का चेहरा, उसका रंग-रूप एकदम अलग होता है. ऐसे में किन्हीं दो इंसानों की शक्ल एक जैसी होना सिर्फ़ आपकी आंखों का भरम हो सकता है. विज्ञान के पैमाने पर कसेंगे तो कोई दो चेहरे एक जैसे नहीं होंगे. इसके लिए आंखें, नाक, कान, बालों की बनावट जैसे आठ गुणों का मिलान किया जाता है.
फ्रांस्वा ब्रुनेल ने अपने एक प्रोजेक्ट के लिए दो सौ के क़रीब जुड़वां लोगों की तस्वीरें खींची हैं. वो बताते हैं दो एक जैसे दिखने वाले लोगों को अलग-अलग खड़ा करके देखेंगे तो दोनों एक जैसे लगेंगे. मगर उन्हें साथ खड़ा करके देखेंगे तो कई फ़र्क़ नज़र आएंगे.
जैसे कि, 1997 में उस वक़्त के अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और उनके उप राष्ट्रपति अल गोर की एक तस्वीर वायरल हो गई थी. इस तस्वीर में दोनों हमशक्ल लग रहे थे. मगर जब उन्हें क़रीब से देखा गया, तो चेहरों में काफ़ी फ़र्क़ नज़र आया.
असल में जब हम किसी का चेहरा याद रखते हैं तो उसकी आंख, नाक, कान, बालों की बनावट का ख़याल आता है. लेकिन कई बार लोग अपने बालों का स्टाइल बदल लेते हैं. ऐसे में हम जब उन्हें पहली बार देखते हैं तो झटका सा लगता है. मगर, हमारा दिमाग़ उनके चेहरों की और ख़ासियतों, जैसे जबड़ों या ठोड़ी की बनावट से उन्हें पहचान लेता है.
कई बार मेकअप की मदद से भी लोग, हमशक्ल नज़र आने की कोशिश करते हैं. मगर क़रीब से देखेंगे तो आप ये धोखा खाने से भी बच जाएंगे.
अमरीका की रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के विनरिच फ्रेवाल्ड कहते हैं कि औसत चेहरे वाले लोगों जैसे हमशक्ल मिलने की काफ़ी संभावना रहती है. मगर, जब इन्हें एक जैसे चेहरों वाले लोगों की वैज्ञानिक परिभाषा की कसौटी पर कसा जाएगा, तो किन्हीं दो इंसानों के चेहरे नहीं मिल सकते. क्योंकि हर इंसान की बनावट जीन तय करते हैं. वो हर इंसान में अलग होता है.
*ईश्वर का गणित* _एक बार दो आदमी एक मंदिर के पास बैठे गपशप कर रहे थे । वहां अंधेरा छा रहा था और बादल मंडरा रहे थे ।_ _थोड़ी देर में वहां एक आदमी आया और वो भी उन दोनों के साथ बैठकर गपशप करने लगा ।_ _कुछ देर बाद वो आदमी बोला उसे बहुत भूख लग रही है, उन दोनों को भी भूख लगने लगी थी । पहला आदमी बोला मेरे पास 3 रोटी हैं, दूसरा बोला मेरे पास 5 रोटी हैं, हम तीनों मिल बांट कर खा लेते हैं।_ _उसके बाद सवाल आया कि 8 (3+5) रोटी तीन आदमियों में कैसे बांट पाएंगे ??_ _पहले आदमी ने राय दी कि ऐसा करते हैं कि हर रोटी के 3 टुकडे करते हैं, अर्थात 8 रोटी के 24 टुकडे (8 X 3 = 24) हो जाएंगे और हम तीनों में 8 - 8 टुकड़े बराबर बराबर बंट जाएंगे।_ _तीनों को उसकी राय अच्छी लगी और 8 रोटी के 24 टुकडे करके प्रत्येक ने 8 - 8 रोटी के टुकड़े खाकर भूख शांत की और फिर बारिश के कारण मंदिर के प्रांगण में ही सो गए ।_ _सुबह उठने पर तीसरे आदमी ने उनके उपकार के लिए दोनों को धन्यवाद दिया और प्रेम से 8 रोटी के टुकड़ों के बदले दोनों को उपहार स्वरूप 8 सोने की गिन्नी देकर अपने घर की ओर चला गया ।_ _उसके जाने के ब...
पेटीएम फर्स्ट कार्ड एक क्रेडिट कार्ड है जो पेटीएम ग्राहकों के लिए विशेष है। पेटीएम ग्राहक इस कार्ड को पेटीएम ऐप पर कार्ड के लिए आवेदन करके प्राप्त कर सकते हैं। पेटीएम सिटी बैंक के साथ साझेदारी में पेटीएम पहला कार्ड पेश कर रहा है। -------------------------------------------------------- Q-1-मैं अपने पेटीएम फर्स्ट कार्ड को कैसे सक्रिय करूं ? =============================== A- आपका पेटीएम फर्स्ट कार्ड प्री-एक्टिव अवस्था में आता है। आप ऑनलाइन लेनदेन के लिए तुरंत इस कार्ड का उपयोग करना शुरू कर सकते हैं। ऑफ़लाइन लेनदेन के लिए, आपको अपना पिन सेटअप करना होगा। पिन सेट करने के लिए कृपया नीचे दिए गए चरणों का पालन करें: Https://www.citibank.co.in/ssjsps/ssindexmidssi.jsp पर जाएं ख। क्रेडिट कार्ड के रूप में खाता प्रकार चुनें सी। अपना पेटीएम फर्स्ट कार्ड नंबर, सीवीवी और जन्म तिथि दर्ज करें घ। ओटीपी आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा ई। उपयोगकर्ता आईडी, पासवर्ड और अपनी पसंद का पिन सेट करें यदि आप एक मौजूदा सिटी ग्राहक हैं, तो यह कार्ड आपके प्रोफ़ाइल में स्वचालित रूप से जुड़ जाता है...
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